महाराष्ट्र के प्रमुख दार्शनिक और पर्यटन स्थल।

भारत के दक्षिण मध्य में स्थित महाराष्ट्र देश के आमिर और धनि राज्यों में से एक है। मुंबई (पूर्व में Bombay) इसकी राजधानी है साथ ही साथ देश की आर्थिक राजधानी के रूप में भी जनि जाती है।  307,713 km² के साथ यह राज्य भारत का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है और इसकी जनसँख्या साढ़े ग्यारह करोड़ है जो इसे भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य बनाती है जनसँख्या के दृष्टिकोण से। इस राज्य में कुल ३६ ज़िले हैं और यहाँ कई बड़े शहर है और ऐसी कई जगहे है जो पर्यटन स्थल के रूप में बहुत प्रसिद्द हैं। वैसे तो महाराष्ट्र में भारत के अन्य राज्यों से भी लोग रहते हैं परन्तु ये राज्य मराठी मनुष्य के लिए प्रसिद्ध है तथा यहां मराठी भाषा बोली जाती है। आपको बता दें की वीर क्षत्रपति शिवजी महाराज का जन्म महारष्ट्र के ही पुणे (पहले junnar) के शिवनेरी में हुआ था।  महाराष्ट्र के शिरडी के साई बाबा की भी ख्याति पुरे विश्व में प्रसिद्द है।  दोस्तों पोस्ट में आगे बढ़ते हुए हम बात करेंगे महाराष्ट्र के प्रमुख दार्शनिक एवं पर्यटन स्थलों के बारे में।


शिरडी : 

महाराष्ट्र के शिरडी गाओ को शायद ही कोई नहीं जानता हो।  यह गाओ भारत के प्रसिद्ध संत साई बाबा की कर्मस्थली रही है।  इसी गाँव के एक मस्जिद में जिसका नाम उन्होंने द्वारका माई रख दिया था वही साई बाबा ईश्वर की भक्ति में लीन रहते थे तथा अपने भक्तो की पीरा और दुःख को दूर करते थे। यह गांव साई बाबा के कारण करोड़ो आगंतुकों के लिए पर्यटन का केंद्र है।  साई बाबा का यह मंदिर भारत के सबसे धनि मंदिरो में से एक है।  हर वर्ष लाखो करोड़ो की संख्या में भक्तगण बाबा के मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं।  मेरे अनुसार महाराष्ट्र का यह गांव इस राज्य के सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में नंबर एक पे रखा जाना चाहिए।

अजंता गुफा :

बौद्ध चित्रण और शिल्पकारी से बनी एक उत्कृष्ट वास्तुकला अजंता की गुफा जिसमे 29 गुफाएं हैं जो बौद्ध धर्म से सम्बंधित हैं का निर्माण दूसरी  शताब्दी इसा पूर्व से लेकर सातवीं शताब्दी तक हुआ है। 29 में से 20 गुफा का निर्माण राजा हरिसेन के शाषन में हुआ था जो वकताका राजवंश से ताल्लुकात रखते थे।  1983 में पहली बार अजंता गुफाओ को UNESCO ने विश्व धरोहर स्थल के रूप घोसित किया था। अजंता गुफा अपने बेहतरीन कलाकृति के वजह से या ये भी कह सकते की बौद्ध धर्म से भी सम्बंधित होने के कारण पुरे विश्व में पर्यटन का एक बेहतरीन स्थल है और हमारे लिए ये बहुत ही ख़ुशी की बात है की हमारे राजाओ ने हमें ऐसा उपहार दिया की भारत की कलाकृतिया खासकर वास्तुकला पुरे विश्व में प्रसिद्ध हैं। 

एलोरा गुफा :

महाराष्ट्र के औरंगाबाद ज़िले में स्थित एलोरा की गुफा जो 34 गुफाओं का समूह है प्राचीन वास्तुकला के उत्कृष्ट उदहारण है।  इन गुफाओं का निर्माण राष्ट्रकूट राजवंश तथा यादव राजवंश ने कराया था जिनेम बौद्ध (12) और हिन्दू मंदिर (17) राष्ट्रकूटों द्वारा तथा जैन मंदिर (5) यादवो द्वारा बनवाया गया था।  एल्लोरा की गुफा का सबसे बेहतरीन मंदिर कैलाश है जो की भगवान शिव को समर्पित है उसका निर्माण कृष्णा प्रथम ने करवाया था जो राष्ट्रकूट राजवंश के शाषक थे। एल्लोरा की गुफा को घूमने के लिए आपको पर्याप्त समय का होना ज़रूरी है क्योकि इन कलाकृतियों के जितनी बार देखे आपका मन नहीं भरेगा।  इसे भी अजंता गुफा के तरह UNESCO ने 1983 में विश्व धरोहर स्थल के रूप में घोषित किया। इन गुफाओं में प्रवेश करने के बाद आपको एक आध्यात्मिक अनुभूति होगी तथा ईश्वरीय ऊर्जा और आनंद का संचार होने जैसा अनुभव होगा।  अगर आप महाराष्ट्र जाने की सोच रहे हैं तो अपने देश के इस उत्कृष्ट स्थान को जाके देखना न भूले। 

जुहू बीच :

जीवन से भरा जुहू बीच जिसे जुहू चौपाटी के नाम से भी जाना जाता है महारष्ट्र के मुंबई में स्थित एक ऐसा दार्शनिक स्थल है जो समुद्र किनारे बसा है और लोगो द्वारा अत्यधिक घुमा जाने वाला जगह है।  जिनलोगो को प्रकृति से प्रेम है और समुद्र की लहरों को देखना पसंद करते हैं वे लोग जुहू बीच पे आना पसंद करेंगे।  यहां आपको फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग भी हमेशा देखने को मिलेंगे। जुहू बीच की एक और खास बात यह है की यह की भेल पूरी बहुत प्रसिद्ध है।  अगर आप हिन्दू धर्म में आस्था रखते हैं तो जुहू बीच के पास कृष्णा भगवान को समर्पित ISKCON  मंदिर जाना न भूले।  

एलीफैंटा केव्स : 

मुंबई हारबर में एलीफैंटा आइलैंड में स्थित भगवान शिव को समर्पित गुफानुमा एलीफैंटा केव्स पुरे विश्व में प्रसिद्ध है।  ये और भी अधिक पॉपुलर तब हो गया जब 1987 में UNESCO ने इसे विश्व धरोहर स्थल के रूप में चयनित किया। इस वास्तुकला को भी सातवीं से आठवीं शताब्दी में राष्ट्रकूट शाशको द्वारा खुदवा कर बनवाया गया था।  मनोरम कलाकारी और अनोखी शिल्पकला की बेहतरीन मिसाल एलीफैंटा केव्स भारत का नाम पुरे विश्व में रोशन करता है।  यह की एक और विशेषता यह है की अगर आप चल कर देखने में अक्षम हैं तो आपको कैर्री करने की भी सुविधा उपलब्ध है। 

हाजी अली की दरगाह : 

पीर हाजी अली शाह बुखारी की दरगाह जो की महाराष्ट्र मुंबई के वरली की खाड़ी में स्थित है यह भी एक बहुत ही उम्दा पर्यटन स्थल है।  हर धर्म , पंथ के लोग इस दरगाह पे जाते हैं और पीर बाबा से दुआएं करते हैं। अगर आप हाजी अली दरगाह जाना चाहते हैं तो इस बात का ख्याल रखे की यहां सिर्फ लो टाइड के समय ही जाया जा सकता है क्यूंकि समुन्द्र से पूल की उचाई काफी कम है और अन्य समय पर ये समुद्र में डूब जाता है। दरगाह काफी खूबसूरत है इसके खम्भे संगमरमर से बनाये गए है और साथ ही उनपर रंगीन कांच लगी हुयी है जिसपे बेहतरन कलाकृतियां उकेरी हुयी हैं।  आप को यह एक 85 फ़ीट ऊँची मीनार भी देखने को मिलेगी जो एक तरह से हाजी अली दरगाह की पहचान भी है।  

प्रिंस ऑफ़ वेल्स म्यूजियम :

भारत के सबसे खास म्यूजियम में से एक प्रिंस ऑफ़ वेल्स म्यूजियम जिसका नाम बदलकर अब छत्रपति शिवाजी महाराज वस्तु संग्रहालय रख दिया गया है, अपनी आकर्षक वास्तुकला के लिए पुरे विश्व में प्रसिद्ध है। बीसवीं शताब्दी में प्रिंस ऑफ वेल्स एडवर्ड VIII की भारत यात्रा के सम्मान स्वरुप इस खास ईमारत का निर्माण कराया गया था। विक्टोरिया गार्डन (वर्तमान जिजामाता उद्यान ) में स्थित यह ईमारत इंडो-सरसेनिक शैली, मुग़ल, मराठा, और जैन शैलियों पर बनाया गया है।  खजूर के वृक्षों और रंग-बिरंगे फूल के पौधों से सजा यह तीन मंज़िला ईमारत देखते ही बनता है।  आप भी अगर जाना चाहते हैं तो ज़रूर जाएं और अद्भुत कला से निर्मित इस संग्रहालय को ज़रूर देखे। 

दोस्तों ये थी महाराष्ट्र में स्थित कुछ अद्भुत एवं बेहतरीन दार्शनिक स्थल झा देश के साथ विदेशी पर्यटकों का भी आना जाना रहता है।  वैसे तो महारष्ट्र में और भी कई संडे और प्राचीर आश्चर्यजनक स्थल हैं लेकिन इस पोस्ट में हमने सिर्फ सात जगहों का ज़िक्र किया है।  हम इस पोस्ट को और भी ज्ञानवर्धक बनाएंगे इसके लिए आप जुड़े रहे और अपने दोस्तों को शेयर जरूर करें।  आप हमें कमेंट के द्वारा भी सुझाव दे सकते हैं की हम अपने वेबसाइट को यूज़र्स के लिए और बेहतर कैसे बनाएं।  


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